दसवें दिन लगातार कोशिशें जारी, उत्तरकाशी टनल में जिंदगी और मौत से जूझ रही 41 ज़िंदगियां

 Uttarkashi Tunnel || उत्तरकाशी टनल हादसा || 


Photo - social media


उत्तराखंड || उत्तरकाशी जिले के सिल्कयारा में 12 नवंबर की सुबह 05:30 बजे सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मज़दूर फंस गए थे। टनल में फंसे मजदूरों का आज दसवां दिन हैं, बचाव कार्य लगातार जारी है। उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों का पहला वीडियो सामने आया हैं, जहां अधिकारियों ने मजदूरों से बात की हैं। यह वीडियो समाचार एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है। वीडियो आने के बाद उम्मीद बड़ गई हैं कि मजदूरों की हालत अभी अच्छी हैं, दसवें दिन मजदूरों तक भर पेट भोजन पहुंचाने में बड़ी कामयाबी मिली है। रेस्क्यू ऑपरेशन को अब तेज किया गया है। DRDO की टीम मौके पर पहुंची गई है। ये टीम रोबोट ऑपरेट करेगी ताकि फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रास्ते तलाशे जा सकें. नौवें दिन DRDO को इस मुहिम से जोड़ा गया है। इसके अलावा पहाड़ के टॉप पर वार्टिकल ड्रिलिंग के लिए हेवी मशीनरी ले जाई जा रही जिसके लिए एक सड़क बनाकर तैयार कर दी गई हैं। हालांकि चार ओर से ड्रिलिंग का कार्य किया का रहा हैं। बचाव कार्य में जुटी टीम बीते नौ दिनों से लगातार एक के बाद एक योजना पर कार्य कर रही है मगर अब तक कोई योजना सफ़ल नहीं हो सकी।

जानकारी के लिए बता दें कि यह सुरंग उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सिल्कयारा और डंडाललगांव को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है. सिल्कयारा जो इस सुरंग का मुख्य द्वार हैं, इससे क़रीब 200 मीटर अंदर की तरफ़ से 250 मीटर तक भूस्खलन हुआ हैं। लगभग 50 मीटर तक मलवा गिरा हुआ हैं। कुल सुरंग की लंबाई 4.5 किलोमीटर की है। सिल्कयारा की ओर से लगभग 2.3 किलोमीटर तक का काम पूरा हो चुका हैं, डंडालगांव की और 1.7 किलोमीटर तक का काम पूरा हो चुका हैं। बीच में पांच मीटर के भाग का कार्य जारी था, यह वहीं भाग हैं जहां 41 मज़दूर फंसे हुए हैं। फंसे हुए मजदूरों में सिर्फ एक उत्तराखंड का है. बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी, झारखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के हैं. बचाव एवम् राहत कार्य पहले ही दिन शनिवार से शुरू हो गया था, अधिकारियों मानना हैं हमें एक  साथ चार योजना पर कार्य करना चाहिए था मगर हम सिर्फ़ एक योजना पर कार्य कर रहे थे। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से घटना की जानकारी ली एवम् हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। 

पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा “उत्तरकाशी के सिल्कयारा के पास टनल निर्माण के समय हुई दुर्घटना में फंसे श्रमिकों के बचाव हेतु एसडीआरएफ एनडीआरएफ और प्रदेश प्रशासन की टीमें पूरी ताक़त से जुटी हुई हैं। स्वयं भी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन पर नज़र बनाएं रखीं है”। 

यह सुरंग ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी बना रही है. यह सुरंग नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की निगरानी में बन रही है।

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